एक समय की बात है एक प्यारी सी लड़की मेरे ऑफिस में इंटरव्यू के लिए आयी थी ! उसका किसी ने
इंटरव्यू लिया और बोला की ये लड़की काम नहीं कर पाएगी, फिर तोड़ी देर बाद HR ने मुझे
बोला की तुम्हे अस्सिटेंट की जरुरत है? तो तुम इसका इंटरव्यू ले लो मैंने बोला ठीक
है ऐसा बोल करके मैं इंटरव्यू लेने चला गया मैंने कुछ खाश नहीं पूछा क्योकि वो फ्रेसर
थी बस थोड़ा सा नॉलेज देखना चाहा पर मुझे लगा की ये काम नहीं कर पाएगी और मैंने HR से
बोला ये नहीं कर पाएगी इसे बहुत सीखIना पड़ेगा ऐसा बोल के मैंने मनI कर दिया और फिर
उसे जाने के लिए बोल दिया गया. वो फिर चली गयी लगभग एक हफ्ते बाद ऑफिस को रेसप्शनलिस्ट
की जरुरत पड़ी और फिर से इस लड़की को याद किया गया. उसे फ़ोन करके बुलाया गया और 25
January को उसकी जोइनिंग हो गयी. फिर HR मेरे पास आकर बोली की इससे सोशल मीडिया का
काम भी कराओ. मैंने कहा ठीक है. मैंने इसे काम सीखIना सुरु किया. ऑफिस का टाइम जैसे
ही ख़तम होने बाला था इसने मुझसे पूछा, क्या मैं 6 बजे नहीं जा सकती तो मैंने बोला क्या
तुमने ये बात HR से की थी. उसने बोला नहीं, फिर उसने बोला मेरा टूशन है अगर 6 बजे जाने
देंगे तभी काम करुँगी, मैंने बोला बात करके देखो शायद मान जाये, फिर उसने बात की और
HR ने मना कर दिया और वो ऑफिस छोड़ के चली गयी.
एक दिन
फिर से HR ने इसकी डिमांड पूरी कर दी और फिर से इसकी जोइनिंग हो गयी. इसकी सीट मेरे
बगल में थी. मैंने जब इसकी पहली बार आवाज सुनी तो मेरे दिल को छू गयी. इसकी आवाज बहुत
प्यारी थी. लेकिन ये बहुत कम बोलती थी, ऑफिस के सभी लोग बात करना चाहते थे तो ये बात
नहीं करती थी. एक दिन मैंने पूछा तुम बात क्यों नहीं करती तो बोली मैं किसी से बात
नहीं करती. मैंने इससे कहा क्या बात करना गलत है उसने जवाब नहीं दिया. 1-2 दिन बीतने
के बाद मैंने थोड़ा मजाक करना सुरु कर दिया जैसे की कोई बात करने के लिए मेरे पास आता
और फिर उससे भी बात करने की कोसिस करता पर मैं कहता था बात मत करो इससे ये किसी से
बात नहीं करती ऐसा सुन कर उसके चेहरे पर मुस्कराहट देखि मैंने. मन ही मन वो मुझे अच्छी
लगने लगी. धीरे धीरे मेरी उससे बात होने लगी, वो सिर्फ मुझसे बात करने लगी, धीरे धीरे
वो खुलने लगी पर पूरी तरह नहीं! मुझे लगने लगा था की ये मेरे लिए परफेक्ट है मैंने
सोच लिया था अगर ये मुझे एक्सेप्ट करेगी तो मैं इसके साथ शादी कर लूंगा. मुझे लगने
लगा की इसके मन में भी मेरे लिए कुछ है और मैंने बातों बातों में मैंने इससे पूछ लिया
की कुछ है तो नहीं मन में, इसने छूटते ही बोला नहीं ऐसा कुछ नहीं है! मेरा दिल टूट
गया पर इतना दुःख नहीं हुआ क्योंकि उस टाइम सुरु ही हुआ था वो भी मेरी तरफ से ऐसा मुझे
लगा. फिर मैंने उससे बातें कम करनी सुरु कर दी फिर वो मुझे बीच बीच टोकती रहती थी मैं
कहता था काम कर लो.
एक बार
फिर से बातें अपने फ्लो में थी और बातों बातों में नंबर भी एक्सचेंज हो गया उसने मेरा
नंबर लिया और 2 दिन बीतने के बाद इसने मुझे फ़ोन किआ और बोला आज मैं ऑफिस नहीं आउंगी
मैंने स्टाइल मारते हुए उसको बोला ऑफिस फ़ोन कर दो बेबी, वो नाराज हो गयी और बोली i
am not a baby ok, मैं हैरान हो गया क्योकि मुझे लगा ये इशू नहीं है. फिर मैंने उसका
फ़ोन नहीं उठाया और वो मुझे बार बार कॉल करती रही.
अगले दिन
जब मैं बाइक से आ रहा था तो रास्ते में मुझे वो मिली मैंने बाइक रोका और इसारे में
बोला आजा बैठ मैं नाराज था ये वो जानती थी. फिर उसने मुझे बंदर बोला मुझे अच्छा लगा
मन ही मन मुस्कुराया और दोनों ऑफिस आ गए! मैंने बाइक स्टैंड में लगा ही रहा था तो उसने
बोला मैं अंदर जाती हूँ आप आ जाना मैंने कहा ठीक है.
हम दोनों
अपने सिस्टम पे बैठे मैंने काम दे दिया उसको और बोला करो. मैं फिर भी बात नहीं कर रहा
था लंच हो गया उसके बाद उसने बहुत बार मुझे पिंच किया, फिर मैंने भी बोलना सुरु कर
दिया. 2 घंटे बाद ही फिर मैंने पूछ दिया कुछ है क्या उसने बोला मैं सोचूंगी. मैं समझ
चूका था की अब वो भी मुझसे प्यार करने लगी है. मैंने पूछा जब ऐसा था तो मैंने तुमसे
कहा था कुछ है तो नहीं तब क्यों नहीं बोला उसने बोला मैं किसी और चीज़ के लिए बोल रही
थी. धीरे धीरे हम दोनों करीब आने लगे. एक दिन ऑफिस की लाइट चली गयी थी हम दोनों अँधेरे
में बैठे थे और बाते कर रहे थे! उसको मेरे साथ बात करना अचछा लगने लगा था. हम खुल के
एक दूसरे से बातें करने लगे और फिर ऑफिस की छुट्टी हो गयी. ऑफिस के लोगो ने प्लान बनाया
मूवी देखने का मैने हाँ बोल दिया पर उसने मना कर दिया और फिर मैने बोला मैं भी नहीं
जा रहा, फिर हम दोनों मेट्रो तक साथ गए! पर अभी भी तोड़ा सा अंतर था हम दोनों में, क्योंकि
हमने एक दूसरे को i Love u नहीं बोला था, पर ये पक्का था की वो मना नहीं करेगी
संयोग से
वैलेंटाइन डे भी सुरु हो गया मैने उसके लिए चॉकलेट लाने लगा. फिर मैने उसको अकेले मूवी
के लिए बोला और वो मान गयी उस दिन संडे था! हमने पहली मूवी साथ में देखि और वो मूवी
थी jolly LLB2 मैने बालकनी की सीट बुक की! मैं बहुत खुश था और जल्दी mall पहुंच गया
मुझे बहुत देर हो गयी थी वह पहुंचे, मैंने बहुत वेट किया, वो मूवी देखने आयी जरूर थी
लेकिन 40 min लेट. मुझे गुस्सा भी आ रहा था लेकिन जैसे ही वो आयी मेरI गुस्सा चला गया.
मैने उसे बाइक पर बिठाया और चले गए अंदर. मैं पूरी तरह उसके प्यार डूब चूका था! और
सोच लिया था की इसको अपने फॅमिली से मिलाऊँगा. पर अभी मैंने इसको सही से नहीं समझा
था इसीलिए फॅमिली से मिलवाने में थोड़ा सोच रहा था. हम दोनों mall में अपनी सीट पे बैठे
और फिर धीरे से मैने उसका हाथ अपने हाथ में लिया और मूवी देखने लगा. मेरा टच करना उसको
बहुत अचछा लगा हमने थोड़ी बात की और मैने उससे बोला, अब बोल भी दो उसने बोला मैं खुद
ही बोल दूंगी! लेकिन मुझसे वेट नहीं हो रहा था और फिर थोड़ी देर बाद मैने उसको बोला
बेबी i love u उसका जवाब भी तुरंत मिल गया उसने भी बोला i love u too मैं बहुत खुश
हुआ और फिर हमने एक दूसरे को किश भी किया. उस दिन ऐसा लगा की मूवी बहुत छोटी थी. मूवी
देखने के बाद हमने साथ में खाना खाया और फिर वो बोलने लगी बेबी अब घर जाना है शाम हो
गयी थी फिर मैं उसको मेट्रो छोड़ के आया. उसके बाद मैंने उसको फ़ोन पे बोला बेबी
thank u आपने इस Sunday को याद गार बना दिया, उसने भी बोला मैं भी कभी नहीं भूलूंगी.
मैं ऑफिस
में खाना लाना बंद कर चूका था मैं खाना बहार खाने लगा एक दिन उसने मुझसे बोला मैं गुलाब
जामुन अच्छा बना लेती हूँ, तो मैंने भी बोल दिया कैसे मान लूँ बना के खिलाओ फिर मानूंगा,
उसने बोला ठीक है मैं लाऊंगी पर नहीं लायी! उसने मेरे लिए पराठे ले के आयी और बोली
खा लो मैंने बनाया है पराठा, कुछ खास नहीं था लेकिन उसने पूछा कैसा लगा मैंने बोला
किसने बनाया, उसने बोला मैंने, फिर मैंने बोला कुछ खास नहीं है पर ठीक है, इतने में
उसने बोला मैंने नहीं मेरी मम्मी ने बनाया था तब मैंने बोला पराठा टेस्टी है, और फिर
वो मेरे लिए अपने घर से खानI lane लाने लगी थी, मैं उसको मना करता था पर मानती नहीं
थी! फिर एक दिन प्यार से समझाया देख अचछा नहीं लगता ये सब ऑफिस में, फिर उसने कुछ दिन
लाना बंद कर दिया पर फिर कुछ न कुछ लाती रहती थी मेरे लिए. ये सब देख कर मैने मन बना
लिया था की शादी इसी से करूँगा.
लेकिन मेरे
मन बहुत सारे सवाल भी थे वो कुछ ऐसा करती थी की मन में सक होता था पर मेरी हिम्मत नहीं
हो रही थी उससे पूछने की, वो अपने साथ हमेशा 2 फ़ोन रखती थी एक दिन मैने पूछ ही लिया
की तुम 2 फ़ोन क्यों लाती हो तो वो बोली ये तो ऐसे ही गाने सुनने के लिए लाती हु. फिर
मैने ज्यादा नहीं पूछा सोचा नाराज हो जाएगी. फिर एक दिन उसे फ़ोन पे बात करते देखा मुझसे
रहा नहीं गया डरते डरते पूछ ही लिया किसका फ़ोन था कुछ परेशान लग रही हो! उसने कड़क आवाज
में बोला किसी का नहीं. मैं चुप चाप अपने सिस्टम पे काम करने लगा. हम दोनों ने
whats-app, chat, हर एक चीज़ यूज़ करने लगे बात करने के लिए. उसने whats-app पर अपनी
DP नहीं लगा राखी थी, मैंने बोला तुमने अपनी फोटो क्यों नहीं लगा राखी है उसने बोला
मैं नहीं लगाती, तुरंत बाद ही उसने अपनी 4-5 फोटो मुझे send कर दी, फोटो बहुत ही अच्छी
थी मैंने उस फोटो संभाल के रख लिया,
मुझे ऑफिस
में लगभग 10 मैंने हो गए थे और अब ऑफिस में धीरे धीरे बोस के साथ मेरी बहस बढ़ गयी थी,
मैं परेशान होने लगा था और फिर मैने जाने का मन बना लिया था पर इसको छोड़ के जाने का
मन नहीं होता था और ये भी बोलती थी मत जाओ जब वो निकाले तब जाना मैने बोला ठीक है.
इसी बीच हमने कई मूवी साथ में देखि. जैसे की badrinath ki dulhaniya, commando, Sabana
and phillauri. उन दिनों हम एक दूसरे खूब मिलने जुलने लगे. अब हमारे बीच साडी बातें
होती थी. वो कुछ अजीब सी बातें करती थी जैसे की मै उसपे सक नहीं करता था तो वो बोलती
बाबू आप मुझपे सक क्यों नहीं करते. मैं सोचने लगा की वो ऐसा क्यों बोल रही है. पर फिर
इग्नोर कर दिया!
एक दिन
फिर अचानक ऑफिस का माहौल ख़राब हो गया और मेरा बॉस के साथ वैसे ही बननी बंद हो गयी थी.
लगे हाथ मैने भी रेसिग्नेशन डे दिया और बॉस ने उसे एक्सेप्ट भी कर लिया. लेकिन इस ऑफिस
में सैलरी होल्ड कर ली जाती थी तो मैने तये किया की आज ही चला जाऊ और वो होली का टाइम
था. मैने उसके साथ होली भी खेला, उसके अगले दिन ही मैने ऑफिस छोड़ दिया था. मैं हमेशा
उसके साथ फ़ोन पे बात करता रहता था उसे मैने हमेशा अपनी निगरानी में रखा हुआ था. देर
रात तक हम फ़ोन पर बात करते रहते थे!
वो बी.कॉम
1 ईयर में थी एक दिन मैने उससे बोला बेबी हमारी शादी तब होगी जब तुम एजुकेशन पूरी कर
लोगी. उसने बोला ठीक है बाबू.
लेकिन दिन
बीतते गए मुझे उसपे सक होने लगा पर जानना नहीं चाहा. मैं हर बार सोचता था की इसे अपने
घर ले जाऊ अपनी मम्मी से मिलवाऊं पर मेरा सक बार बार मुझे रोक लेता था लेकिन उसकी बातें
मुझे उससे कुछ भी पूछने से रोक लेती थी. मैं उससे सच में बहुत प्यार करता था, मेरे
ऑफिस छोड़ने के बाद भी मैं उससे मिलता रहता था. लेकिन उसकी कुछ आदत मुझे अच्छी नहीं
लगती थी वो कहीं भी कभी भी चली जाती थी मैं पूछता था तो बताती थी की रोमा और सोनाली
से मिलने गयी थी. मेरा सक बढ़ता जा रहा था पर सक करना गलत होता है ये मुझे पता था और
मैं उसको किसी बंधन में बांध के नहीं रखना चाहता था बस इतना चाहता था की वो खुश रहे.
वो कभी
भी बर्गर, स्प्रिंग रोल खाने चली जाती थी ऐसा मुझे बोलती थी, और मैं बिस्वास कर लेता
था. वो संडे को किसी इवेंट की भी बात करती थी मैं इवेंट में जा रही हूँ इस संडे नहीं
मिलूंगी और मैं उसे बोलता था मैं भी चलूँगा तो मना कर देती थी, जब मैं जींद करता था
तो फिर नहीं जाती, मुझे सक तो हो ही रहा था लेकिन ये सोच के रह जाता था की सक करना
गलत है. और कुछ दिन पहले ऑफिस के एक लड़के ने बोला था की मैने इसे किसी लड़के के साथ
देखा था वैलेंटाइन डे वाले दिन लेकिन मैं उसकी बातों को नहीं मानता था इसीलिए उसे इग्नोर
कर दिया. कुछ दिन बीतने के बाद जब मेरा सक मजबूत होने लगा तो मैंने इसको पूछ दिया की
valentineday वाले दिन तुम किसी के साथ थी उसने बोला नहीं, मैंने कहा की तुम्हे किसी
ने देखा है उस दिन किसी के साथ, पर फिर भी इसने माना कर दिया.
इन दिनों
मैं जॉब की तलाश में लगा हुआ था 10 दिन बीत गए, एक दिन मैं गैस celender लेने गया हुआ
था तो उसका फ़ोन आया बाबू आज ऑफिस की छुट्टी है! मैं काम में बिजी था वो मेरे साथ टाइम
बिताना चाहती थी पर मैने उसको बोला बेबी आज तो मैं बिजी हूँ . मुझे टाइम लगेगा और आप
कितना वेट करोगी तुम घर जाओ और स्टडी कर लो, उसने बोला ठीक है बाबू और ये भी बोला घर
ही जाना रोमा और सोनाली के यहाँ मत चले जाना. लेकिन मुझे पूरा यकीं था वो घर नहीं जाएगी.
पर मैने इस बात को इग्नोर कर दिया. और अपना काम में बिजी हो गया.
अचानक मेरा
दिल किया की मैं इसको एक प्यार भरा मैसेज करूँ और मैने कर दिया. और फिर इसकी सच्चाई
खुल के सामने आयी. ये किसी लड़के के साथ थी उस लड़के का फ़ोन आया मेरे फ़ोन पे और हम दोनों
जबरदस्त बहस सुरु होने लगी उसने मुझे गाली दी और मैने उसे, हमने एक दूसरे को मारने
के मूड में थे मैने उसको टाइम और जगह तक बता दिया था और मैं रेडी हो कर पहुंच चूका
था पर लड़की ने ये सब होने से रोक लिया मैने उससे पूछ ये सब क्या है उसने बोला ये मेरा
बॉयफ्रेंड है फिर मैने पूछा तो मैं कोण हूँ. उस समय उसने कुछ नहीं बोला क्योंकि वो
उसके साथ था लड़की ने मुझे बोला की उसने मुझे मारा भी है. मैने उससे कहा धोखा देने के
लिए मैं ही मिला था. उसने बोला नहीं मैने धोखा नहीं दिया आपको मैं आपसे प्यार करती
हूँ
हमारी लड़ाई
आगे बढ़ती रही हम एक दूसरे को गाली और धमकी देते रहे, पर ये लड़की कुछ भी बोल नहीं रही
थी. न वो उसको माना कर रही थी न मुझे मैंने उससे उस लड़के का नंबर माँगा उसने नहीं दिया!
फिर मैं इस लड़की से मिला और ये सब पूछा क्यों किया ये सब तो उसने बोलI की मेरे और इसके
बीच में कुछ नहीं है हमारा ब्रेकउप हो गया था. अब फिर से ये आ गया है लेकिन कुछ समय
बीतने के बाद मुझे अहसास हो चूका था ये लड़की सलूशन चाहती ही नहीं थी वो मुझसे कहती
कुछ और थी, करती कुछ और थी, फिर एक दिन हम मिले और मिल के घर जा रहे थे तब इसने मुझे
फ़ोन किया और बोला बाबू मैंने आपका नंबर उसे दे दिया है, मैंने कहा ठीक है, और फिर से
हम दोनों लड़ने लगे उस समय लगभग 11 बजे थे. उस लड़के ने बोला मैं 3 साल से उसके साथ हूँ
लेकिन मुझे फर्क पड़ा लेकिन मैंने इग्नोर कर दिया और बोला देख माना की मैं 3 महीने से
उसके साथ हूँ लेकिन प्यार तो मैं भी बहुत करता हूँ तो बता मैं क्या करूँ. हमारी बहस
होती रही पर लड़की कुछ बोलने को राजी नहीं थी, धीरे धीरे मैंने सिचुएशन को संभाला और
लड़के से बात करने लगा उसने साडी हिस्ट्री लड़की के बारे में बताई की इसका पहले भी किसी
के साथ रिलेशन था. ये कई बार पकड़ी जा चुकी थी पर मेरा मानना था आज कल ये आम बात है
और ये उसका पास्ट है मुझे पास्ट में नहीं जाना अगर उसने अब कोई गलती की तो मैं एक्शन
लूंगा लेकिन अभी उसने मुझे नहीं तुझे धोखा दिया है.
धीरे धीरे
समय बीतता गया हम दोनों लड़के बातें शेयर करने लगे साथ ही लड़की को फार्स करने लगे किसी
एक को चूज़ करे पर वो ऐसा करने को तैयार नहीं हो रही थी फिर एक दिन उस लड़के ने जोर जबरदस्ती
उस लड़की को फार्स किया और बोला की बोल तू किस्से प्यार करती है उसने बोल दिया आपसे
उसने उससे बोला उसको बोल दे तू उससे प्यार नहीं करती पर वो फेस टू फेस बोलने को तैयार
नहीं हुई. फिर इसका सलूशन मैंने निकाला मैंने बोला फ़ोन पे बोल दो मुझे पता था वो मुझे
माना कर देगी, और उसने ऐसा ही किया उसने बोला मैं XYZ से प्यार करती हूँ, ये सुनके
मैंने कॉल काट दिया. मुझे बहुत हर्ट हुआ, मुझे इतना हर्ट हुआ की बता नहीं सकता. मैंने
उससे बात बंद कर दी उसका नंबर भी ब्लॉक कर दिया था पर थोड़ी देर बाद अनब्लॉक भी कर दिया
इसीलिए क्योंकि एक उम्मीद थी की वो वापस आएगी और ऐसा ही हुआ. वो वापस आयी और फिर हम
दोनों मिले मैंने उससे फिर वही बात की उसको माना कर दो उसने बोला बेबी मैंने उसको बोला
पर वो मानता ही नहीं है. एक बार फिर उस लड़के के साथ मेरी बहस सुरु हो गयी और मैंने
उससे कहा अब मैं नहीं रह सकता उसके बगैर अगर वो मुझे से दूर जाना चाहेगी तभी ये पॉसिबल
है. मेरे लिए बहुत मुश्किल उससे दूर जाना इन दो दिन मैं मुझे अहसास हो गया है.
एक बार
फिर से शेम प्रॉब्लम थी उसके सामने की उसे हम दोनों में से किसी एक को चूज़ करना ह और
फिर से उसने मुझे हर्ट किया. इस बार मैं बहुत रोया और उसके सामने बहुत गिरगिराय बेबी
मैंने कोण सी गलती की है जो मुझे इतनी बड़ी सजा दे रही हो. उसने फिर बोला बेबी मैं आपसे
प्यार करती हूँ और आपके साथ रहना है फिर मुझे तोडा रिलैक्स फील हुआ पर प्रॉब्लम ख़तम
नहीं हुई. शेम सिचुएशन फिर आयी उसने फिर से उसी लड़के को चूज़ किया और फिर से मैं रोया
मैंने खाना खाना छोड़ दिया था. साथ ही समझ भी रहा था कही ये खेल तो नहीं रही है मेरे
साथ पर प्यार करता था उससे इग्नोर कर दिया और उससे बात की उसने फिर से बोला बेबी मुझे
समय दो मैं सब ठीक कर दूंगी और हाँ मैं आपसे प्यार करती हूँ पर मुझे लगने लगा था ये
कोई सलूशन नहीं निकल पाएगी. मैंने उससे बोला मैं बात करता हूँ उससे तुम नहीं कर पाओगी
और मैंने सलूशन निकला लेकिन उसने फिर से हर्ट किया. लेकिन अब मैं समझ चूका था शायद
हम दोनों साथ नहीं रह पाएंगे, इस बार मैं रोया नहीं लेकिन चुप चाप घर सोया रहता था.
5 दिन बाद
इसका मैसेज आया बाबू मैं आपसे बहुत प्यार करती हूँ और मेरा उसके साथ ब्रेकअप हो गया
है. मैं बहुत खुश नहीं हुआ मुझे पता था ऐसा कुछ नहीं हुआ. लेकिन जैसे ही वो बात करती
मैं खुद को रोक नहीं पता था. मैंने बात करना सुरु कर दिया और फिर से जुड़ने लगा. और
उससे बोला बेबी मैं तैयार हूँ फिर से लात खाने के लिए 5 दिन बाद फिर से ये कहानी दोहराई
गयी उसने वही किया जिसका मुझे अहसाह था एक बार फिर उसने मुझे माना कर दिया.
अब मेरे
मन में बहुत सरे गलत ख्यालात आने लगे ऐसा लगता था ये लड़की गलत है हम दोनों के साथ खेल
रही है, साथ ही ये भी पता था की वो मुझे नहीं उस लड़के से प्यार करती है, और मेरा प्यार
एकतरफ़ा है. धीरे धीरे मैं उससे दूर जाने लगा, लेकिन वो मानती ही नहीं थी, कहती बेबी
मैं आपसे प्यार करती हूँ और मैं कहता ये कैसा प्यार है, जिसे तुम अपना नहीं सकती फिर
उसने ये बताना सुरु किया की बेबी मैं मजबूर हूँ वो कुछ भी कर सकता है आप नहीं जानते
उसे, ऐसा लगा वो मुझे डरा रही है. लेकिन मैंने उससे कहा हम 21 बी सदी में है बेबी आप
मजबूर होगी मैं नहीं.
लगभग एक
हफ्ता बीत गया हम एक दूसरे को व्हाटप्प, फेसबुक पे एक दूसरे का स्टेटस पढ़ते रहते थे
लेकिन मैं बात नहीं करता था बस हम दोनों एक दूसरे को महसूस करते थे. इसी बीच उस लड़के
के साथ मेरी अच्छी तरह से बात होने लगी पर वो राजनीति करने लगा था मुझे इसका अंदाजा
था और मैं कही न कही जनता था वो मेरी बुराई करेगा उसके सामने पर मैं ये भी जनता था
अगर उसने ऐसा किया तो वो गलत दिखेगा मैं नहीं, ये बात मैंने उसको बोला भी उसने तुझे
चूज़ किया अब जी लो अपनी लाइफ, लेकिन मेरी बुराई करके आगे मत बढ़ना. लेकिन मुझे पता था
वो मेरी बुराई करेगा. और फिर वो लड़की मेरे लाइफ में आयी.
इस बार
मैं उसको मंदिर ले गया और वह कसम दिलाई की अब ये मत करना दुबारा. इतने में उस लड़के
ने उसके भाई को मेरा नंबर दे दिया. उसके भाई का कॉल आया और बोला मेरी बहन तेरे साथ
है, मैंने बोला नहीं मेरे साथ नहीं है. उसने धमकी दी मेरी बहन से दूर रहियो मैंने कहा
हम दोनों एक दूसरे से प्यार करते है और ऐसा नहीं हो सकता तुझे जो करना है करले. उसने
मुझे बोला अभी मिल बताता हूँ, मैंने कहा ठीक बता कहा मिलेगा, उसने बोला तू बता कहा
मिलेगा मैंने एक जगह बता दी और कहा जल्दी पहुंच. ये सब देख कर लड़की परेशान होने लगी.
साथ ही उस लड़के का फ़ोन आ रहा था वो पूछ रहा था कहा है, पर इसने बोला कही भी तुम्हे
क्या मेरा ख्याल रखने वाला है आप परेशान मत हो पर इस सब्द में मुझे उसके लिए लगाब ही
दिखा इतने उसने बोला अब खुश हो बोल दिया आपके सामने. मैंने कहा हाँ. फिर मैंने उसको
उसके घर के पास तक छोड़ के आया और बोला बेबी बताते रहना कोई कुछ बोले मुझे डर लग रहा
है. लेकिन अगले दिन अचानक उस लड़के ने फ़ोन किया मुझे, और ये सब बताया 'बाबू एक बार बात
करलो कुक्कू ने कुछ नहीं खाया, कूकू मर जाएगी' ये सब देख कर मुझे बहुत बुरा लगा और
लगा की मुझे इन दोनों के बीच से चले जाना चाहिए और मैंने उस लड़की को कॉल किया और बोला
क्यों कर रही हो ये सब कुछ, क्यों नहीं तुम एक जगह रह सकती कभी इधर कभी उधर, ये क्या
तरीका है. उससे प्यार है तो मेरे साथ खेलने की क्या जरूरत है उसके पास जाना है तुम्हे
ठीक है मैं बात करता हूँ उससे और फिर मैंने उस लड़के को कॉल किया और बोला मान जा वो
तुझसे प्यार करती है. लेकिन उसे भी भरोसा हो चूका था ये सब दुबारा होगा. अब हम दोनों
बहुत रिलैक्स थे हम दोनों एक दूसरे से अच्छे से बात करने लगे.
मैंने उस
लड़की से बात करना बंद कर दिया 10 दिन बीत गए और मैंने उससे बात नहीं की लेकिन मैं बहुत
परेशान जरूर था उसी समय मैंने नयी जॉब ज्वाइन की मुझे बहुत रिलैक्स फील हुआ मेरा मन
डाइवर्ट हुआ पर हर पल उसकी याद आती रहती थी. मैं चाहता था वो खुश रहे लेकिन इसका खेल
ख़तम होने का नाम ही नहीं ले रहा रहा था. बहुत दिन बीतने के बात फिर मैसेज आया की मेरा
ब्रेकअप हो गया है और मैं आपसे सच में प्यार करती हूँ, मैंने कोई जवाब नहीं दिया. फिर
उस लड़के का फ़ोन आया उसने कहा भाई अब तेरे नाम का दीपक जल गया है, मैंने उससे कहा ये
लड़की पागल हो गयी है और हमे भी पागल बना रही है. मैंने उसे फ़ोन नहीं किया उसने मैसेज
पे बात करना सुरु कर दिया पर मैं पूरी तरह से मन बना लिया था अब मैं दिल से नहीं जुड़ूंगा
और ये समझ चूका था ये सिर्फ मेरे साथ खेल रही है, प्यार इसके लिए नौटंकी है, लेकिन
इसने मेरी हर बार इज्जत उतारी, मेरा वजन 65 से 58 हो गया इसके बारे में सोच सोच कर.
इसने अब तक 10 बार से ज्यादा मेरे जज्बातों के साथ खेला.
एक दिन
उसने मुझसे बोला बेबी एक बात बोलू, मैंने कहा हाँ तो उसने बोला क्या हम दोनों साथ नहीं
रह सकते मैंने कहा मतलब, उसने कहा मैं आपको दूसरे नंबर से बात करुँगी, मन ही मन सोचा
ये सच में मेरे साथ खेल रही है. मैंने कहा नहीं तुम रहोगी तो सिर्फ मेरे साथ और मैं
किसी और की एंट्री बर्दास्त नहीं करूँगा. वो बोली मुझे पता था आप ऐसा ही बोलोगे.
मेरे मन
में एक बात आयी उस बात को आपको गलत कहने का पूरा अधिकार है, मैंने सोचा मैं इसके साथ
डीप रिलेशन बनाऊंगा और मैंने इसे मनाया और वो मान गयी, पर जिस दिन मैंने उसे बुलाया
उस दिन उसकी तबियत खराब थी पर मुझे भरोषा नहीं था मैंने फिर भी उसे बुला लिया जब उसे
देखा तो सच में तबियत खराब थी मुझे बहुत बुरा लगा और मैंने उससे कहा बेबी आज मैं
स्वार्थी लग रहा हूँ आपकी तबियत ख़राब है मुझे माफ़ कर देना और फिर हम होटल गए. वहां हम दोनों ने रिलेशन बनाया, हम दोनों बहुत खुश थे, लेकिन मैं जानता था जैसे ही ये घर जाएगी ये अजीब सी हरकत करेगी, अगले दिन उसने मुझे कहा मुझे उसकी बातें याद आ रही है, मुझे घिन आ रही है, ऐसा बोलके वो उसके पास चली गयी. मुझे बुरा लगा मैंने कहा ये क्या तरीका है मेरे पास से सीधा उसके पास ये कैसा प्यार है, उसने आपने जो किया है वो गलत नहीं है, मैं समझ चूका था ये मेरे साथ अब नहीं रहेगी और कही न कही ये खेल रुक जायेगा, और मैंने उससे कहा मैंने तुम्हे कोई धोखा नहीं दिया अगर धोखा देता तो रिलेशन बना के छोड़ देता तब धोका होता मैं अभी भी तुमसे प्यार करता हूँ और तुम्हारे साथ रहना चाहता हूँ. लेकिन तुमने जो किया है ऐसा कोण करता है मेरा साथ रिलेशन बनाने के बाद उसकी गोदी में जाने का क्या मतलब है कोण सा मर्द ये बर्दास्त करेगा, अगर तुम्हे नाराज ही होना था तुम कहती बेबी ये जो हुआ गलत था, मेरी तबियत भी ख़राब थी और आपने ऐसा किया. लेकिन आपको जाना था उसकी गोदी में था इसीलिए तुम मुझे गलत कह रही हो. फिर वो थोड़ा रिलैक्स हुई पर ऐसा बिलकुल नहीं था क्योकि वो फेस टू फेस बात कभी नहीं कर सकती थी क्योकि वो हमेशा से गलत थी.
स्वार्थी लग रहा हूँ आपकी तबियत ख़राब है मुझे माफ़ कर देना और फिर हम होटल गए. वहां हम दोनों ने रिलेशन बनाया, हम दोनों बहुत खुश थे, लेकिन मैं जानता था जैसे ही ये घर जाएगी ये अजीब सी हरकत करेगी, अगले दिन उसने मुझे कहा मुझे उसकी बातें याद आ रही है, मुझे घिन आ रही है, ऐसा बोलके वो उसके पास चली गयी. मुझे बुरा लगा मैंने कहा ये क्या तरीका है मेरे पास से सीधा उसके पास ये कैसा प्यार है, उसने आपने जो किया है वो गलत नहीं है, मैं समझ चूका था ये मेरे साथ अब नहीं रहेगी और कही न कही ये खेल रुक जायेगा, और मैंने उससे कहा मैंने तुम्हे कोई धोखा नहीं दिया अगर धोखा देता तो रिलेशन बना के छोड़ देता तब धोका होता मैं अभी भी तुमसे प्यार करता हूँ और तुम्हारे साथ रहना चाहता हूँ. लेकिन तुमने जो किया है ऐसा कोण करता है मेरा साथ रिलेशन बनाने के बाद उसकी गोदी में जाने का क्या मतलब है कोण सा मर्द ये बर्दास्त करेगा, अगर तुम्हे नाराज ही होना था तुम कहती बेबी ये जो हुआ गलत था, मेरी तबियत भी ख़राब थी और आपने ऐसा किया. लेकिन आपको जाना था उसकी गोदी में था इसीलिए तुम मुझे गलत कह रही हो. फिर वो थोड़ा रिलैक्स हुई पर ऐसा बिलकुल नहीं था क्योकि वो फेस टू फेस बात कभी नहीं कर सकती थी क्योकि वो हमेशा से गलत थी.
अगले दिन
वो ऑफिस नहीं गयी उसने मुझे फ़ोन करके बताया, मैंने पूछा क्यों नहीं जा रही हो तो बोली
लाइट नहीं है और टंकी में पानी नहीं है बिना नहाये कैसे जाऊ, मैंने कहा चले जाओ एक
दिन नहीं नहाओगी तो कुछ नहीं होगा पर उसने जो एक बार बोल दिया तो कितना भी समझा लो
वो नहीं मानेगी! मुझे डर था की वो कही उसके साथ न चली जाये. फिर मैंने उससे कहा कही
मत जाना स्टडी कर लेना और कुछ ऐसा वैसा मत सोचने लग जाना.
पर उसका
मन ये तय कर चूका था उसे मेरे साथ नहीं रहना, सच तो ये था की मैं टूट चूका था उसकी
हरकतों से मैंने भी मन बना लिया घुट घुट के जीना ही है तो उसके बगैर जी लूंगा लेकिन
किसी और मर्द की एंट्री तुम्हारी जिंदगी में बर्दास्त नहीं करूँगा.
करीब दोपहर
का समय था मैंने इसे फ़ोन किया पूछ क्या कर रहा मेरा बेबी, उसने बोला टीवी देख रही हूँ
मैंने बोला स्टडी कर लो, इसका जवाब आया जिन्दा रहूंगी तभी तो स्टडी करुँगी क्योकि उसे
खासी हो रही थी इसीलिए ऐसा बोला पर मैंने भी बोला तुम्हे मरने कोण देगा, और वैसे भी
तुम्हे अकेले मरने का अधिकार नहीं है.
कुछ देर
बाद उसका मैसेज आया बेबी आप बिजी हो मैंने कहा नहीं बेबी, मुझे कुछ अजीब सा लगा, उसने
बोला बेबी एक बात बताऊँ, मैंने कहा हाँ बताओ उसने अपने भाई के बारे में बताना सुरु किया,
उसने कहा पता मेरे भाई ने 20000 रूपए मम्मी से लिए और फिर पापा से 80000 और एक बात
उसने मेरे पुराने बॉयफ्रेंड से 15000 रूपए लिए है और उन पैसों को अपनी गर्लफ्रेंड के
अकाउंट में ट्रांफर कर दिया है. इतनी बात बताने के बाद मैं इसकी मनसा समझ चूका था ये
मेरी परीक्षा ले रही है पर मैंने उससे कहा बेबी ये सब गलत है और बहुत ज्यादा गलत. चलो
घर में खुश भी करो लेकिन बॉयफ्रेंड से ये तो बहुत गलत है वो भी मेरी बातों से सहमत
थी! उसने बोला बेबी वो माना नहीं कर सका क्योकि वो मेरा भाई है इसीलिए तो मैंने बोला,
मैं उसको नहीं आपके भाई को बोल रहा हूँ.
ये सब बातें
फेक थी मुझे अछि तरह समझ आ रहा था और इंतजार कर रहा था उसकी बातों का. और फिर उसने
अपनी बात की बोला बेबी मेरे सपने बहुत बड़े है लेकिन मैंने सही जवाब दिया जो की उसकी
नजर में गलत था, मैंने बोला बेबी अगर तुम्हारे सपने हमारी लाइफ को आगे ले जाएगी तो
जरूर पूरी होगी, इतना कहने के बाद मैंने बोला बेबी मैं फ़ैल हो गया. ये इसीलिए बोला
ताकि वो समझ जाये की मुझे पता है की वो मेरी परीक्षा ले रही है, पर उसमे इतनी समझ नहीं
थी वो आगे बढ़ गयी अपनी परीक्षा जारी रखा साथ ही पुराने बॉयफ्रेंड की तारीफ भी हो रही
थी, मैं पूरी तरह समझ चूका था वो अब उसके साथ ही रहेगी फिर मैंने सोचा अगर जाना चाहती
है तो मैं इसकी मदद करूँगा क्योकि ये भी सच था की वो मेरे साथ नहीं रहेगी. मैंने उसके
साथ गलत गलत बातें करना सुरु कर दिया.
वो मुझे
नाराज होती चली गयी, कही न कही सब ठीक ही हो रहा था अगर ये सब लम्बा चलता तो बर्बादी
थी और कुछ नहीं क्योंकि सलूशन निकालने का किसी का मन नहीं था. मैंने उसे बहुत भडकाया,
उसे गुस्सा दिलाया, अपने आप को बहुत गिरा लिआ उसकी नज़र में. अब वो खुश रहेगी क्योंकि
कोई और नहीं होगा उसकी लाइफ में, और अब मैं भी जी लूंगा मैं बहुत ज्यादा खुश नहीं हूँ
यही सच है पर मैं मजबूत हूँ और मैं जी लूंगा उसके बगैर.
मैं हमेशा
लॉयल था ये सच है और जो कुछ भी लिखा है बिलकुल सच है इसमें कुछ भी जोड़ा हुआ नहीं है,
हो सकता है कुछ छूट गया हो लेकिन कुछ ऐसा एक्स्ट्रा नहीं नहीं. ये शुद्ध सच है.
अब बस यही
उम्मीद करूँगा की ये सब दुबारा न हो
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To Be
Continue ......................................................................................................










